लखनऊ में ‘त्रिवेणी’ डिजिटल डायलॉग: यूपी के विकास मॉडल पर हुआ मंथन, सुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

लखनऊ में ‘त्रिवेणी’ डिजिटल डायलॉग: यूपी के विकास मॉडल पर हुआ मंथन, सुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

Triveni Digital Dialogue in Lucknow

‘Triveni’ Digital Dialogue in Lucknow

लखनऊ। ‘Triveni’ Digital Dialogue in Lucknow, उत्तर प्रदेश अब एक 'बीमारू राज्य' की अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर विकास और प्रगति के नए कीर्तिमान रच रहा है। लखनऊ के एक होटल में आयोजित तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग 'त्रिवेणी' के दूसरे दिन रविवार को यूपी के सुशासन, संस्कृति और समृद्धि के इसी मॉडल पर गहन मंथन हुआ। इस भव्य आयोजन में देशभर से आए 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स, नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। परिचर्चा के दौरान सभी दिग्गजों ने एक स्वर में माना कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी ने कानून-व्यवस्था से लेकर बुनियादी ढांचे तक, हर क्षेत्र में एक अभूतपूर्व बदलाव देखा है।

डबल इंजन की ताकत: योजनाओं का सीधा लाभ

कार्यक्रम के परिचर्चा सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने सरकार की नौ वर्षों की उपलब्धियों का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले लगभग तीन दशकों तक राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की भारी कमी थी, जिससे जनता योजनाओं से वंचित रह जाती थी। 2014 में केंद्र में मोदी सरकार और 2017 में यूपी में योगी सरकार के आने से यह खाई पटी। इसी 'डबल इंजन' के तालमेल का परिणाम है कि आज पीएम आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शिक्षा से जुड़ी तमाम योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सीधे आम आदमी तक पहुंच रहा है।

जीरो टॉलरेंस: माफिया की जमीन पर गरीबों का आशियाना

अवनीश अवस्थी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि योगी सरकार ने अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। यूपी में न केवल पुलिस बल में भारी भर्तियां हुईं और महिलाओं को आरक्षण मिला, बल्कि पुलिसिंग को तकनीकी रूप से उन्नत करने के लिए बड़े बजट का प्रावधान भी किया गया। योगी राज में ही माफियाओं के खिलाफ वास्तविक कार्रवाई शुरू हुई। उनके अवैध कब्जों से खाली कराई गई सरकारी जमीनों पर आज गरीबों के लिए पक्के मकान बन रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद प्रतिदिन कानून-व्यवस्था की सीधे मॉनिटरिंग करते हैं।

मिशन मोड में इंफ्रास्ट्रक्चर: 15 जून से जेवर से उड़ान

निवेश और बुनियादी ढांचे की बात करते हुए अवस्थी ने कहा कि आज देश के 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे का हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे महाप्रोजेक्ट्स समय पर पूरे किए गए हैं। डिफेंस कॉरिडोर से लेकर ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण तक, यूपी रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने एक बड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण, जो 1997 से अटका था, उसे योगी सरकार ने मिशन मोड में पूरा किया है और सोमवार (15 जून) से वहां से उड़ानें भी शुरू होने जा रही हैं।

कृषि राज्य से इंडस्ट्रियल 'ग्रोथ इंजन' बनने का सफर

दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के संस्थापक-अध्यक्ष मिलिंद कांबले ने यूपी के औद्योगिक माहौल की सराहना की। उन्होंने कहा, "मैंने यूपी को बीमारू राज्य से देश का ग्रोथ इंजन बनते देखा है। 2017 के बाद कानून-व्यवस्था और सड़कों के सुधरने से निवेशकों का भरोसा लौटा है।" उन्होंने बताया कि यूपी की 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना इतनी सफल रही कि इसे केंद्र सरकार ने भी अपना लिया। वहीं, आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय की निदेशक अलका बहुगुणा ढौंडियाल ने बताया कि यूपी की प्रति व्यक्ति आय अब 1.09 लाख रुपये तक पहुंच गई है और राज्य तेजी से 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

पलायन पर लगाम और गांव-गरीब का उत्थान

विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) साकेत मिश्रा ने कहा कि गुंडाराज खत्म होने का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि यूपी से युवाओं का पलायन रुका है। सरकार ने शिक्षा और रोजगार पर फोकस किया और छोटे-छोटे सुधार किए, जैसे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना। इन जमीनी बदलावों ने गांव और गरीब दोनों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने वहां मौजूद कंटेंट क्रिएटर्स के सवालों के जवाब दिए और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए यूपी की इस सकारात्मक छवि को दुनिया तक पहुंचाने का आह्वान किया।